दोस्तों किसी ने सच ही कहा है कि क्रोध और आंधी दोनों एक समान होते है, क्योंकि दोनों के शान्त होने के बाद ही पता चलता है कि नुकशान कितना हुआ है।
क्रोध एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हमारी जीभ हमारे मन से अधिक तेजी से काम करती है, मतलब गुस्सा एक ऐसा श्राप है, जिसे मनुष्य खुद को देता है।
माचिस की तिली दूसरों को जलाने से पहले खुद जलती है, इसी प्रकार गुस्सा पहले आपको बर्बाद करता है और फिर दूसरों को।
दोस्तों आपका स्वागत है मेरे ब्लॉग Thinkdear.com में, आज की कहानी का Tital है, गुस्से से कैसे जीतें।
Hindi Story Short
एक छोटा बच्चा था, जिसको बेहद गुस्सा आता था।
एक दिन उसके पिता ने उसे सबक सिखाने के लिए कीलों से भरा हुआ एक थैला दिया और कहा, जब भी तुम्हे गुस्सा आए तो इसमें से एक कील निकालकर सामने लगे बोर्ड में ठोक देना।
पहले ही दिन बच्चे ने बोर्ड में बहुत सारी कीलें ठोक दी लेकिन धीरे-धीरे वो गुस्से पर काबू करना सीख गया।
कुछ हफ्तों बाद वह पिता के पास पहुंचा और बोला, आज मुझे एक भी कील ठोकने की जरूरत नही पड़ी।
अब उसके पिता ने कहा, अब एक नया काम करो, जिस दिन तुम्हे गुस्सा ना आए, उस दिन बोर्ड में से एक कील वापस बाहर निकाल लो।
लड़के ने ऐसा ही किया और एक दिन बोर्ड पूरा खाली हो गया। बेटे ने पिता को खुश होते हुए यह बात बताई।
पिता उसे बोर्ड के पास लेकर गए और बोले देखो, इन कीलों ने जो नुकसान इस बोर्ड को पहुचाया है, वैसा ही नुकसान हमारा गुस्सा सामने वाले व्यक्ति को पहुचाता है।
जिस तरह यह बोर्ड अब कभी ठीक नही हो सकता, ठीक वैसे ही गुस्से से जो नुकसान होता है, उसकी क्षति पूर्ति कभी नही हो सकती है।
दोस्तों इस छोटी सी कहानी Hindi Story Short से हमें यह सीख मिलती है कि हमारा क्रोध ही हर झगड़े की जड़ है। अगर हम क्रोध नही करेंगे तो कभी भी वाद-विवाद होगा ही नही।
गुस्से में काम सुधरते नही है बल्कि और ज्यादा बिगड़ जाते है। इसीलिए क्रोध पर काबू करने की कोशिश करनी चाहिए, तभी हमारे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
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गुस्से को कंट्रोल कैसे करें शायरी
थोड़ी देर के गुस्से से प्यार भरा रिश्ता बिखर जाता है, होश जब आता है तो समय निकल जाता है।
जब किसी व्यक्ति का विनाश नजदीक आता है तो पहले उसका विवेक मर जाता है और फिर उसको गुस्सा आता है।
अक्सर सफलता की बात वही करता है, जो व्यक्ति क्रोध की लगाम अपने हाथ में रखता है।
जो व्यक्ति हमेशा गुस्से में रहता है, उसे छोड़ना जरूरी है, ऐसे मूर्ख व्यक्ति का घमंड तोड़ना जरूरी है।
जब कोई गुस्से में आपके सामने बात करें, तो उसे खामोशी के साथ गौर से सुने, क्योंकि अक्सर गुस्से में लोग सच बोल देते है।
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